मंजू दीवान

मंजू दीवान 🎂06 अक्टूबर 1928 -⚰️ 11 अक्टूबर 2021
भारतीय सिनेमा की कम चर्चित गायिका और अभिनेत्री मंजू दीवान 

मंजू दीवान मंजू दीवान (06 अक्टूबर 1928 - 11 अक्टूबर 2021) एक गायिका और अभिनेत्री थीं, जिन्होंने मराठी और हिंदी फिल्मों में काम किया। उन्होंने कुछ फिल्मों में अभिनय और गायन किया। 
करण दीवान की वो पत्नी थी अभिनेत्री - गायिका मांजू, पत्नी (स्वर्गीय) करण दीवान का 93 वर्ष की उम्र में 11 अक्टूबर 2021 की सुबह निधन हो गया। हिंदी सिनेमा के इतिहास में कुछ ऐसी महिलाओं के नाम दर्ज हैं, जिन्होंने सफलता की बुलंदियों को छूने के बावजूद सच्ची भारतीय नारी की तरह गृहस्थी के लिए सबकुछ त्याग दिया और दिखावे की दुनिया की चमक-दमक से हटकर शादी और गृहस्थी को चुना। ऐसा ही एक नाम है गायिका-अभिनेत्री मंजू का, जिन्होंने 1939 में 'प्रभात फिल्म कंपनी' के बैनर तले बनी द्विभाषी (हिंदी और मराठी) फिल्म 'आदमी' (मराठी में 'मानुस') से अपने करियर की शुरुआत की और 1944 में बनी फिल्म 'रतन' के बाद महज 6 साल के छोटे से करियर के बाद उन्होंने शादी कर ली और ग्लैमर की दुनिया को अलविदा कह दिया।

मंजू का जन्म 06 अक्टूबर 1928 को नागपुर, मध्य प्रांत और बरार, अविभाजित भारत, अब महाराष्ट्र में मंजुला के रूप में हुआ था। वह अपने समय की प्रसिद्ध गायिका और आनंद विलास संगीत नाटक मंडली के सदस्य गंगाराम बापू की बेटी थीं। उनके पिता को प्रभात फिल्म्स कंपनी, पूना (अब पुणे) में नौकरी मिल गई, इसलिए परिवार नागपुर से पूना आ गया। मंजू के तीन भाई-बहन थे, एक बहन विजयमाला और दो छोटे भाई त्रयंबक और बालकराम। उन्होंने घर पर ही पढ़ाई की और कभी स्कूल नहीं गईं।  बचपन से ही उन्होंने प्रभात फिल्म कंपनी के संगीत निर्देशक पंडित केशव राव भोले से भारतीय शास्त्रीय संगीत की शिक्षा ली।

मंजू ने अपने करियर की शुरुआत बतौर बाल कलाकार प्रभात फिल्म कंपनी की हिंदी में बनी द्विभाषी फिल्म "आदमी" और मराठी में बनी "मानुस" से वर्ष 1939 में की थी। उस समय पार्श्व गायन का प्रचलन ठीक से नहीं था, इसलिए कलाकारों को अपने गीत खुद ही पर्दे पर गाने पड़ते थे। मंजू ने फिल्म "आदमी" में एक गीत गाया था- "मैं जान गई, पहचान गई तुम्हारे मन की बात...", जो उन पर फिल्माया गया था। उस समय उनकी उम्र 11 वर्ष थी। मंजू ने हिंदी फिल्म "आदमी" के मराठी संस्करण "मानुस" में भी एक गीत गाया था। प्रभात फिल्म कंपनी के साथ काम करते हुए मंजू को शेख फत्तेलाल, सीताराम कुलकर्णी, बाबूराव पै और महान वी. शांताराम जैसे दिग्गजों से बहुत कुछ सीखने का मौका भी मिला।

 मंजू ने प्रभात फिल्म कंपनी के बैनर तले बनी फिल्म "संत ज्ञानेश्वर" (1940) में अभिनय किया। मंजू ने फिल्म "नई कहानी" (1943) में भी अभिनय किया और लीला मेहता के साथ युगल गीत "आई आई उड़नखटोले पर उड़ कर सावन की रानी..." गाया। बाद में उन्होंने फिल्म "चाँद" (1944) और "रामशास्त्री" (1944) में भी गायन किया। यह वह दौर था जब मंजू न तो बच्ची थीं और न ही वयस्क, नतीजतन उन्हें फिल्मों में अभिनय करने का मौका नहीं मिला। वह प्रभात फिल्म्स कंपनी के साथ अनुबंध पर काम कर रही थीं, इस वजह से उन्हें प्रभात बैनर के अलावा और कोई काम नहीं मिल पाया। पूना में फिल्म "नई कहानी" की शूटिंग के दौरान अभिनेता बी. नांद्रेकर ने उन्हें बॉम्बे (मुंबई) बुलाया और मज़हर खान को स्क्रीन टेस्ट देने के लिए दूसरे फिल्म निर्माता फाज़िल ब्रदर्स से मिलवाया।  किसी तरह यह बात प्रभात फिल्म्स कंपनी को पता चली तो बाबूराव पै ने बताया कि वह (मंजू) प्रभात फिल्म्स कंपनी के साथ अनुबंध से बंधी हुई है और कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी। नतीजतन, मंजू को दूसरे बैनर के साथ काम करने का मौका चूक गया। फिल्म निर्माता चिमनभाई देसाई भी उन्हें अपनी अगली फिल्म में गाना चाहते थे और उन्होंने बाबूराव पै से मुलाकात की और उन्हें मना लिया। इस मंजू को प्रभात फिल्म्स कंपनी के बाहर एक फिल्म मिली और वह फिल्म थी एन.आर. देसाई प्रोडक्शंस के बैनर तले बनी "गाली" (1944) जिसमें करण दीवान मुख्य भूमिका में थे। अभिनय के अलावा उन्होंने "गाली" फिल्म में कुछ गाने भी गाए। करण दीवान के बड़े भाई जामिनी दीवान एक फिल्म "रतन" बना रहे थे, मंजू को दूसरे हीरो की बहन की भूमिका के लिए चुना गया। फिल्म "रतन" के गाने लोकप्रिय हुए।  मंजू ने फिल्म "अंगड़ाई तेरी है बहना..." और "झूठे हैं सब सपने सुहाने..." में दो गाने भी गाए थे। दोनों ही गाने उन पर फिल्माए गए थे।

रतन की सफलता का लाभ मंजू को भी मिला और उन्हें अभिनय और गायन के ढेरों ऑफर मिले। हालांकि, रतन उनकी आखिरी फिल्म साबित हुई। क्योंकि रतन फिल्म की रिलीज के तुरंत बाद ही उन्होंने वर्ष 1944 में करण दीवान से शादी कर ली और फिल्म इंडस्ट्री छोड़ दी, क्योंकि उनकी सास नहीं चाहती थीं कि उनकी बहू फिल्मों में काम करे और उन्हें उन सभी फिल्मों के कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने पड़े जो फ्लोर पर जाने वाली थीं। इनमें से एक कॉन्ट्रैक्ट गायिका, अभिनेत्री नूरजहां और उनके फिल्म निर्माता-निर्देशक पति शौकत हुसैन रिजवी की फिल्म "जीनत" का था, जो वर्ष 1945 में रिलीज हुई थी। मंजू और करण दीवान के 7 बच्चे थे, जिनमें 5 बेटियां और दो बेटे थे।

मंजू ने अपनी रिटायरमेंट की ज्यादातर जिंदगी अपनी बेटी के साथ देहरादून या अपने पति के साथ बिताई।  बेटा शारजाह में रहता था। उनका दूसरा बेटा मुंबई में रहता है। मंजू की मृत्यु 11 अक्टूबर 2021 को किडनी संबंधी समस्याओं के कारण मुंबई में हुई।

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